कुदरगढ़
   
  कुदरगढ़ एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थान भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के सूरजपुर जिले में स्थित है. यह मौसम में सभी सड़क से जुड़े हुए सूरजपुर जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर है. चैत्र णवरट्र (अप्रैल के महीने में) के दौरान सबसे अच्छा समय के लिए यात्रा है.
     
SARASORE
   
   
     
शिव मंदिर शिवपुरी ब्लॉक प्रतापपुर
   
  शिवपुरी शिव मंदिरः गांव शिवपुरी, प्रतापपुर अंबिकापुर से 45 कि.मी. दूर है प्रतापपुर से 4 किलोमीटर दूर है. इस मंदिर में, बड़े शिवरात्री और वसंत पंचमी के अवसर पर समारोह का आयोजन कर रहे हैं
     
महामाया मंदिर
   
  महामाया मंदिर 4क्म् देवी पुर सूरजपुर से दूर पर स्थित है. महामाया मंदिर प्रसिद्ध और सबसे पुराना मंदिर है.विभिन्न स्थानों से लोग महामाया मंदिर में पूजा करने के लिए जाएँ और अब यह छत्तीसगढ़ में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण प्लेस बन गया है. सूरजपुर जिले के लोगों को महामाया देवी पर एक महान विश्वास है और नवरात्रि के दौरान इस जगह को एक प्रमुख आकर्षण बन जाता है और नवरात्रि मेला लोगों द्वारा आयोजित किया जा रहा है.दैनिक मुफ्त बस सेवा तीर्थ और सूरजपुर से डेवोटिएस् देवी पुर तक पहुँचने के लिए सूरजपुर के भक्त मन्डल्य् द्वारा प्रदान किया जा रहा है. एक विशाल व्यवस्था स्थानीय लोग और सार्वजनिक प्राधिकारी के रूप में अच्छी तरह से किया जा रहा है.
     
हनुमान मंदिर सूरजपुर,
   
  हनुमान मंदिर सूरजपुर, यह अग्रवाल धर्मशाला के पास स्थित है, यहाँ बने रंगमंच मैदान में शहर के सार्वजनिक कार्यकर्म आयोजित होते है
     
डुगडुगी पत्थर
   
  भैयाथान तहसील मुख्यालय से लगे ग्राम जमड़ी के पहाड़ पर प्रकृति की अद्भुत रचना है। पहाड़ के शीर्ष पर पत्थर के दो हिस्से हैं। उपर के पत्थर को हिलाने पर डुगडुगी जैसी आवाज निकलती है। इस जंगल में ग्राम जमड़ी, घोंसा के चरवाहे ग्राम के मवेशियों को चराते हैं। जंगल में मनोविनोद करने अपने साथियों के साथ डुगडुगी पत्थर को बजाते हैं। इससे निकली आवाज से पूरा जंगल गुंजायमान हो उठता है। वहीं इस पत्थर से निकलने वाले वाले आवाज के अन्य पत्थरों से अलग होने के कारण ग्रामीणों में कौतूहल भी रहता है। इस पत्थर के करीब ही झंडा पत्थर भी है जहां क्षेत्र के ग्रामीणजन अपनी श्रद्धा के अनुरूप ध्वज और नारियल का चढ़ावा चढ़ाते हैं। ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है कि झंडा बाबा उनकी हर मुराद पूरी करते हैं।